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BHAGWATAM1.1.2 श्रीमद्भागवत 1.1.2 का अनुव्याख्यान

श्रीमद्भागवत 1.1.2 का अनुव्याख्यान श्लोक: धर्मः प्रोज्झितकैटवोऽत्र परमो निर्मत्सराणां सतां वेद्यः।वास्तवमत्र वस्तु शिवदं तापत्रयोन्मूलनं॥श्रीमद्भागवते महामुनिकृते किं वा परैः।इश्वरः सद्यो हृद्यविरुद्ध्यतेऽत्र कृतिभिः शुश्रूषुभिः तत्-क्षणात्॥ व्याख्या (शब्दार्थ…

Bhagwatam1.1.1 श्रीमद्भागवत महापुराण 1.1.1 का अनुव्याख्यान

यह श्लोक श्रीमद्भागवत महापुराण का प्रथम श्लोक है, जो संपूर्ण ग्रंथ का आधार प्रस्तुत करता है। इसमें भगवान की परम सत्ता, ज्ञान, स्वतंत्रता, और सत्यस्वरूप…

मान लीला: श्रीराधा का कृष्ण से रूठना और पुनः मिलन

मान लीला: श्रीराधा का कृष्ण से रूठना और पुनः मिलन श्रीकृष्ण और श्रीराधा की लीलाएं अत्यंत रहस्यमयी और दिव्य हैं। इनमें मान लीला विशेष स्थान…

108 राधा-कृष्ण नामावली | प्रेम, भक्ति और आनंद का संगम

108-raadha-krshn-naamaavalee यहाँ 108 राधा-कृष्ण नामों की सूची प्रस्तुत है, जिन्हें भक्तगण जपने और स्मरण करने के लिए उपयोग कर सकते हैं: यह नामावली भक्तों को…

श्रीमद् भागवत कथा का महात्म्य

श्रीमद् भागवत कथा हिंदू धर्म की अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र ग्रंथों में से एक है। इसे ‘भागवत महापुराण’ के नाम से भी जाना जाता है।…

राधा-कृष्ण नाम वैष्णव भक्ति परंपरा में अत्यंत

राधा-कृष्ण नाम वैष्णव भक्ति परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन नामों का जाप और स्मरण भक्त को आध्यात्मिक उन्नति और ईश्वर के साथ गहन संबंध…

एकनिष्ठ भजन: भक्ति का शुद्ध स्वरूप

एकनिष्ठ भजन का अर्थ है, अपने मन, वचन, और कर्म से केवल एक ही इष्ट देवता की आराधना में रत रहना। यह भक्ति का सर्वोच्च…

श्री गुरुदेव के करुणा गुण

गुरुदेव की महिमा अनंत है। उनकी करुणा से अज्ञान के अंधकार में डूबे जीव ज्ञान के प्रकाश से प्रकाशित हो जाते हैं। गुरुदेव हमें हमारी…

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