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Gaur Priy Das – Vrindavan | Gaudiya Vaishnav Bhakti

गौर प्रिय दास (Gaur Priy Das) वृन्दावन | गौड़ीय वैष्णव भक्ति | श्रीमद्भागवत एवं कृष्ण-भक्ति गौर प्रिय दास वृन्दावन में रहकर भक्ति, साधना, श्रीमद्भागवत, श्री…

श्रीमती राधा रानी का प्रातःकालीन चरित्र | दिव्य शृंगार, शुद्धता और भक्ति का मधुर चित्रण

प्रातः की शीतल बेला में,जब नभ पर अरुणिमा मुस्काए,व्रज की कुंज-गलियों मेंमधुर पवन धीरे-धीरे गाए। कमल-नयनी राधिका तब,निज अंतर में श्याम बसाए,हर श्वास-स्पंदन में केवलप्रियतम…

मीरा बाई जी का अंतिम पद

मीरा बाई जी का अंतिम पद ~मीराबाई जिन्हें बाल्यावस्था में ही गिरधर गोपाल से प्रीति हो गई, खेल खेल में गिरधर को ही अपना पति…

गौ संग खेलत बाल गोपाल।

गौ संग खेलत बाल गोपाल।पकरि दुहुँन कर गौ मुख चूमत, पुनि पुनि सहरावत गौ भाल ॥कबहुँक खींचत श्रुतिपट कबहुँक, पकरत धेनुहिं शृंग विशाल।कंठ पकरि करि…

नरकासुर वध: अहंकार का अंत और करुणा की विजय

नरकासुर वध: अहंकार का अंत और करुणा की विजय नरकासुर, जिसे भौमासुर के नाम से भी जाना जाता है, प्राग्ज्योतिषपुर का अत्यंत शक्तिशाली राक्षस राजा…

गौर प्रिया दास के मुख से भागवतम्: मन को शांति और भक्ति की राह

गौर प्रिया दास एक आध्यात्मिक शिक्षक, लेखक और भागवत कथावाचक हैं। वह गौड़ीय वैष्णव परंपरा के अनुयायी हैं और उनका मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच भगवान…

गौर प्रिय दास – भागवत प्रवक्ता, लेखक और भक्तिपथ के प्रेरक

गौर प्रिय दास | श्रीमद्भागवत कथा वक्ता | कृष्णकथा और चैतन्य महाप्रभु की शिक्षाएं | Vrindavan Bhakti Speaker गौर प्रिय दास के बारे में गौर…

हे केशव ! कुछ समझ गया, पर कुछ-कुछ असमंजस में हूँ

हे केशव ! कुछ समझ गया, पर कुछ-कुछ असमंजस में हूँ इतना समझ गया कि मैं न स्वयं ही खुद के वश में हूँ ये…

वृंदावन धाम, गोपियों का प्यारा, गोपाल के लीला, मोहन का अधिकार।

वृंदावन धाम, गोपियों का प्यारा, गोपाल के लीला, मोहन का अधिकार। गोवर्धन पर्वत, गोपाल का खेल, रास रचाते गोपियाँ, भक्ति का मेल। कंस वध की…

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