🙏 आज श्री गौड़ीय वैष्णवाचार्य परमपूज्य श्री कृष्ण वल्लभ गोस्वामीजी महाराज की तिरोभाव तिथि पर विशेष – 🍀 श्रीकृष्णवल्लभ गोस्वामी (1655 – 1735 ) 🍀…
यदि आपका आशय श्री चैतन्य चरितामृत (आदि-लीला) के प्रमुख और महत्वपूर्ण परिच्छेद (Chapters) से है, तो उनके संक्षिप्त विषय इस प्रकार हैं: अध्ययन के लिए…
प्रेमभक्ति-चन्द्रिका (श्रीनरोत्तम ठाकुर विरचित) अज्ञान-तिमिरान्धस्य ज्ञानाञ्जनशलाकया । चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः ।।१।। श्रीचैतन्यमनोऽभीष्टं स्थापितं येन भूतले । सोऽयं रूपः कदा मह्यं ददाति स्वपदान्तिकम् ।।२।।…
एक चिंतन…. ● राम का घर छोड़ना एक षड्यंत्रों में घिरे राजकुमार की करुण कथा है,• कृष्ण का घर छोड़ना गूढ़ कूटनीति।▪ और गौर का…
श्रीकृष्णकर्णामृतम् ॥ प्रथमाश्वासः ॥चिन्तामणिर्जयति सोमगिरिर्गुरुर्मेशिक्षागुरुश्च भगवान् शिखिपिञ्छमौलिः ।यत्पादकल्पतरुपल्लवशेखरेषुलीलास्वयंवररसं लभते जयश्रीः ॥ १.१॥अस्ति स्वस्तरुणीकराग्रविगलत्कल्पप्रसूनाप्लुतंवस्तुप्रस्तुतवेणुनादलहरीनिर्वाणनिर्व्याकुलम् ।स्रस्तस्रस्तनिरुद्धनीविविलसद्गोपीसहस्रावृतंहस्तन्यस्तनतापवर्गमखिलोदारं किशोराकृति ॥ १.२॥चातुर्यैकनिधानसीमचपलाऽपाङ्गच्छटामन्दरंलावण्यामृतवीचिलालितदृशं लक्ष्मीकटक्षादृतम् ।कालिन्दीपुलिनाङ्गणप्रणयिनं कामावताराङ्कुरंबालं नीलममी वयं मधुरिमस्वाराज्यमाराध्नुमः ॥ १.३॥बर्होत्तंसविलासिकुन्तलभरं…
ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा – प्रमुख स्थल ब्रजमंडल की चौरासी कोस परिक्रमा भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं से पवित्र मानी जाती है। यह परिक्रमा लगभग…
समुद्र मंथन के 14 रत्न (क्रमशः): 1 कालकूट विष: सबसे पहले निकला यह घातक विष भगवान शिव ने पी लिया और नीलकंठ कहलाए। 2 कामधेनु…
🙌🏻 आज श्रील जीव गोस्वामी पाद के तिरोभाव महोत्सव पर विशेष :: श्रील जीव गोस्वामी का जन्म पौष शुक्ल तृतीया, संवत् 1568(सन् 1511)को बंगाल के…
🚩 अद्भुत पौराणिक प्रसंग: क्यों राजा जनक डरते थे अयोध्या के वासियों से? 🚩 आदरणीय सज्जनों !हम सभी जानते हैं कि माता सीता के स्वयंवर…
भगवान् श्रीगौरांग महाप्रभु का ध्यान (भक्तरूपेण भगवान् का प्राकट्य — महावदान्य अवतार) ✦ भक्तरूप में भगवान का अवतरणजब श्रीकृष्ण ने व्रज में अपने माधुर्य का…