राधा-कृष्ण के दिव्य गुणों, लीलाओं और स्वरूपों का वर्णन करता है। श्री राधा-कृष्ण 108 नाम (भाग 1 – प्रारंभिक 108 नाम)
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राधा-कृष्ण नाम वैष्णव भक्ति परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन नामों का जाप और स्मरण भक्त को आध्यात्मिक उन्नति और ईश्वर के साथ गहन संबंध…
एकनिष्ठ भजन का अर्थ है, अपने मन, वचन, और कर्म से केवल एक ही इष्ट देवता की आराधना में रत रहना। यह भक्ति का सर्वोच्च…
गुरुदेव की महिमा अनंत है। उनकी करुणा से अज्ञान के अंधकार में डूबे जीव ज्ञान के प्रकाश से प्रकाशित हो जाते हैं। गुरुदेव हमें हमारी…
बिल्ली के बच्चों की रक्षा करना प्रहलाद को शिक्षा के लिए एक पाठशाला में भेजा गया, जहाँ उनके पिता हिरण्यकशिपु के आदेशानुसार केवल उनके नाम…
सप्तम स्कन्ध: (ऊति स्कंध: ) युधिष्ठिर का प्रश्न – नारद जी का समाधान ऊति स्कंध: यह जीवों की वासनाओं का वर्णन करता है, जो उन्हें…
शरणागति का वास्तविक स्वरूप 1. भगवद-रक्षकत्व-अनुमति-रूपम् शरणागति का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि भगवान को अपने रक्षक के रूप में स्वीकार करना एक चेतन…
श्री भक्तमाल – श्री केशवाचार्य जी १. श्री केशवाचार्य जी की युगल उपासना व हरिदेव जी का विग्रह प्रकट श्रीकृष्ण के पौत्र वज्रनाभ जी ने…
कभी-कभी भक्ति करने को मन नहीं करता? – प्रेरक कथा एक बार एक जिज्ञासु भक्त ने गोस्वामी तुलसीदास जी से पूछा, “कभी-कभी ऐसा होता है…
भक्ति में आडंबर नहीं चाहिए होता काशी में एक बार एक ब्राह्मण के सामने से एक गाय भागती हुई किसी गली में घुस गई। उसी…