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प्रेमभक्ति-चन्द्रिका श्रीनरोत्तम ठाकुर विरचित

प्रेमभक्ति-चन्द्रिका (श्रीनरोत्तम ठाकुर विरचित) अज्ञान-तिमिरान्धस्य ज्ञानाञ्जनशलाकया । चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः ।।१।। श्रीचैतन्यमनोऽभीष्टं स्थापितं येन भूतले । सोऽयं रूपः कदा मह्यं ददाति स्वपदान्तिकम् ।।२।।…

राम, कृष्ण और महाप्रभु का दार्शनिक चिंतन – मर्यादा, लीला और प्रेम का दिव्य क्रम

एक चिंतन…. ● राम का घर छोड़ना एक षड्यंत्रों में घिरे राजकुमार की करुण कथा है,• कृष्ण का घर छोड़ना गूढ़ कूटनीति।▪ और गौर का…

श्रीकृष्णकर्णामृतम्

श्रीकृष्णकर्णामृतम् ॥ प्रथमाश्वासः ॥चिन्तामणिर्जयति सोमगिरिर्गुरुर्मेशिक्षागुरुश्च भगवान् शिखिपिञ्छमौलिः ।यत्पादकल्पतरुपल्लवशेखरेषुलीलास्वयंवररसं लभते जयश्रीः ॥ १.१॥अस्ति स्वस्तरुणीकराग्रविगलत्कल्पप्रसूनाप्लुतंवस्तुप्रस्तुतवेणुनादलहरीनिर्वाणनिर्व्याकुलम् ।स्रस्तस्रस्तनिरुद्धनीविविलसद्गोपीसहस्रावृतंहस्तन्यस्तनतापवर्गमखिलोदारं किशोराकृति ॥ १.२॥चातुर्यैकनिधानसीमचपलाऽपाङ्गच्छटामन्दरंलावण्यामृतवीचिलालितदृशं लक्ष्मीकटक्षादृतम् ।कालिन्दीपुलिनाङ्गणप्रणयिनं कामावताराङ्कुरंबालं नीलममी वयं मधुरिमस्वाराज्यमाराध्नुमः ॥ १.३॥बर्होत्तंसविलासिकुन्तलभरं…

गोलोक-तत्त्व और ब्रज-रस की महिमा

प्रकृति पार परम व्योम, ज्योति अनूप अपार।जहँ वैकुण्ठन की छटा, दिव्य अनंत विस्तार॥ अर्थ: प्रकृति से परे एक परम ज्योतिर्मय आध्यात्मिक आकाश है, जहाँ अनगिनत…

गौर सुंदर सेवा कुंज वृंदावन – निताई गौर की प्रेममयी सेवा और कथा

गौर सुंदर सेवा कुंज, वृंदावन में प्राणधन निताई-गौर सुंदर की दिव्य सेवा गौर सुंदर सेवा कुंज का आध्यात्मिक महत्व हम सभी जानते हैं कि वृंदावन…

जय शची नंदन जय गौर हरि | विष्णुप्रिया प्राणधन नदिया बिहारी सुंदर पद

जय प्राणधन निताई-गौर, शची मैया के लाल,करुणा बरसाएँ जगत में, हरें भव का जंजाल।स्वर्णिम तन, मधुर मुस्कान, प्रेम रस की धार,नाम संग कीर्तन कराएँ, खोलें…

श्रीगौर की दिव्य जन्म-यात्रा | श्रीचैतन्य महाप्रभु की जन्म लीला और नवद्वीप का दिव्य प्राकट्य

श्रीगौर की दिव्य जन्म-यात्रा जब कलियुग के अंधकार से संसार आच्छादित हो रहा था और जीवात्माएँ भौतिक मोह में भटक रही थीं, तब करुणामय भगवान…

गौर सुन्दर सेवा कुंज वृन्दावन | श्री प्राणधन श्री निताइ गौरसुन्दर , गौर कथा और भागवत कथा

मङ्गलाचरण – श्रीगौरांग चरणों में वन्दना वन्दे श्रीगौरचन्द्रं करुणामृतसागरम्।भक्तवत्सलमत्यन्तं नित्यानन्दप्रदायकम्॥ श्रीगौरांग महाप्रभु, जो स्वयं श्रीराधा और श्रीकृष्ण के संयुक्त दिव्य स्वरूप हैं, कलियुग में करुणा…

ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग – मथुरा से वृन्दावन तक श्रीकृष्ण की पावन लीलास्थलियाँ

ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा – प्रमुख स्थल ब्रजमंडल की चौरासी कोस परिक्रमा भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं से पवित्र मानी जाती है। यह परिक्रमा लगभग…

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