श्री वृन्दावन में षड्गोस्वामी पाद की दिव्य समाधियाँ श्री चैतन्य महाप्रभु के षड्गोस्वामी गौड़ीय वैष्णव सम्प्रदाय में श्री वृन्दावन के षड्गोस्वामी का स्थान अत्यंत गौरवपूर्ण…
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यदि आपका आशय श्री चैतन्य चरितामृत (आदि-लीला) के प्रमुख और महत्वपूर्ण परिच्छेद (Chapters) से है, तो उनके संक्षिप्त विषय इस प्रकार हैं: अध्ययन के लिए…
प्रेमभक्ति-चन्द्रिका (श्रीनरोत्तम ठाकुर विरचित) अज्ञान-तिमिरान्धस्य ज्ञानाञ्जनशलाकया । चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः ।।१।। श्रीचैतन्यमनोऽभीष्टं स्थापितं येन भूतले । सोऽयं रूपः कदा मह्यं ददाति स्वपदान्तिकम् ।।२।।…
एक चिंतन…. ● राम का घर छोड़ना एक षड्यंत्रों में घिरे राजकुमार की करुण कथा है,• कृष्ण का घर छोड़ना गूढ़ कूटनीति।▪ और गौर का…
श्रीकृष्णकर्णामृतम् ॥ प्रथमाश्वासः ॥चिन्तामणिर्जयति सोमगिरिर्गुरुर्मेशिक्षागुरुश्च भगवान् शिखिपिञ्छमौलिः ।यत्पादकल्पतरुपल्लवशेखरेषुलीलास्वयंवररसं लभते जयश्रीः ॥ १.१॥अस्ति स्वस्तरुणीकराग्रविगलत्कल्पप्रसूनाप्लुतंवस्तुप्रस्तुतवेणुनादलहरीनिर्वाणनिर्व्याकुलम् ।स्रस्तस्रस्तनिरुद्धनीविविलसद्गोपीसहस्रावृतंहस्तन्यस्तनतापवर्गमखिलोदारं किशोराकृति ॥ १.२॥चातुर्यैकनिधानसीमचपलाऽपाङ्गच्छटामन्दरंलावण्यामृतवीचिलालितदृशं लक्ष्मीकटक्षादृतम् ।कालिन्दीपुलिनाङ्गणप्रणयिनं कामावताराङ्कुरंबालं नीलममी वयं मधुरिमस्वाराज्यमाराध्नुमः ॥ १.३॥बर्होत्तंसविलासिकुन्तलभरं…
प्रकृति पार परम व्योम, ज्योति अनूप अपार।जहँ वैकुण्ठन की छटा, दिव्य अनंत विस्तार॥ अर्थ: प्रकृति से परे एक परम ज्योतिर्मय आध्यात्मिक आकाश है, जहाँ अनगिनत…
गौर सुंदर सेवा कुंज, वृंदावन में प्राणधन निताई-गौर सुंदर की दिव्य सेवा गौर सुंदर सेवा कुंज का आध्यात्मिक महत्व हम सभी जानते हैं कि वृंदावन…
जय प्राणधन निताई-गौर, शची मैया के लाल,करुणा बरसाएँ जगत में, हरें भव का जंजाल।स्वर्णिम तन, मधुर मुस्कान, प्रेम रस की धार,नाम संग कीर्तन कराएँ, खोलें…
श्रीगौर की दिव्य जन्म-यात्रा जब कलियुग के अंधकार से संसार आच्छादित हो रहा था और जीवात्माएँ भौतिक मोह में भटक रही थीं, तब करुणामय भगवान…
मङ्गलाचरण – श्रीगौरांग चरणों में वन्दना वन्दे श्रीगौरचन्द्रं करुणामृतसागरम्।भक्तवत्सलमत्यन्तं नित्यानन्दप्रदायकम्॥ श्रीगौरांग महाप्रभु, जो स्वयं श्रीराधा और श्रीकृष्ण के संयुक्त दिव्य स्वरूप हैं, कलियुग में करुणा…