ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा – प्रमुख स्थल ब्रजमंडल की चौरासी कोस परिक्रमा भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं से पवित्र मानी जाती है। यह परिक्रमा लगभग…
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समुद्र मंथन के 14 रत्न (क्रमशः): 1 कालकूट विष: सबसे पहले निकला यह घातक विष भगवान शिव ने पी लिया और नीलकंठ कहलाए। 2 कामधेनु…
🌼 प्राणधन श्री निताई गौर सुंदर की रूप-विशेषता 🌼 श्री निताई-गौर सुंदर का दिव्य रूप करुणा, प्रेम और माधुर्य का अद्भुत संगम है। स्वर्ण के…
अद्वैत आचार्य (1434–1559) आईएएसटी: Advaita Ācāryaजन्म नाम: कमलाक्ष मिश्रा (কমলাক্ষ মিশ্র)जन्म: 1434 ई., नबग्राम, लाउड (वर्तमान सुनामगंज जिला, बांग्लादेश)निवास: शांतिपुर, नादिया (पश्चिम बंगाल) परिचय अद्वैत…
अद्वैत-तत्त्व, बलराम-तत्त्व और गौर-प्रेम का त्रिवेणी संबंध गौड़ीय वैष्णव दर्शन में यदि गौर-लीला को समझना हो, तो केवल एक तत्त्व पर्याप्त नहीं है। वहाँ तीन…
जब भी भारतीय आध्यात्मिक साहित्य की बात होती है, तो दो ग्रंथ विशेष रूप से मन और हृदय को स्पर्श करते हैं—श्रीमद्भागवत महापुराण और श्री…
🌸 वृंदावन की मंजरी-वर्ग की सेवा, स्वरूप, कुल-परिचय एवं लीलामय जीवन 🌸 गौड़ीय वैष्णव सिद्धांत के अनुसार मंजरी-वर्ग श्रीराधा जी की अति अंतरंग सेविकाएँ हैं।…
🌸 भगवान श्रीकृष्ण के वृंदावन की सखियाँ और सखा – नाम एवं उनकी पहचान वृंदावन की दिव्य लीलाओं में श्रीकृष्ण अकेले नहीं हैं। उनके साथ…
प्रातः की शीतल बेला में,जब नभ पर अरुणिमा मुस्काए,व्रज की कुंज-गलियों मेंमधुर पवन धीरे-धीरे गाए। कमल-नयनी राधिका तब,निज अंतर में श्याम बसाए,हर श्वास-स्पंदन में केवलप्रियतम…
✨ श्रीमान महाप्रभु के पूर्वज : माधुकर मिश्र का ऐतिहासिक परिचय श्रीमन महाप्रभु के पवित्र वंश की चर्चा करते समयउनके पूर्वजों का स्मरण अत्यंत श्रद्धा…