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दान-लीला की और गोपियों से प्रेम और भक्ति

ऐसी एक जगह है सांकरी खोर, जहा भगवान श्रीकृष्ण ने दूध दही बेचने की कुप्रथा को रोकने के लिए दान लीला की थी। कहा जाता…

भगवान श्री राधाकृष्ण की 64 प्रकार की गुप्त सेवा

भगवान श्री राधाकृष्ण की 64 प्रकार की गुप्त सेवा का उल्लेख वैष्णव ग्रंथों में मिलता है, विशेष रूप से गौड़ीय वैष्णव परंपरा में। यह सेवाएँ…

लौकिक एवं अलौकिक भाग्य

लौकिक एवं अलौकिक भाग्य प्रत्येक जीव का अपना एक लौकिक भाग्य होता है। इस लौकिक भाग्य के प्रभाव से उसे धन, परिवार, स्त्री, पुत्र, मान-सम्मान,…

श्रीमद्भागवत 1.1.1-3 गौड़ीय संप्रदाय की दृष्टि से विशेष अनुव्याख्या

श्रीमद्भागवत 1.1.1 – गौड़ीय संप्रदाय की दृष्टि से विशेष अनुव्याख्या श्लोक: जन्माद्यस्य यतोऽन्वयादितरतश्चार्थेष्वभिज्ञ: स्वराट्तेने ब्रह्म हृदा य आदिकवये मुह्यन्ति यत्सूरय:।तेजोवारिमृदां यथा विनिमयो यत्र त्रिसर्गोऽमृषाधाम्ना स्वेन…

श्रीकृष्ण की अद्वितीय महिमा – माता कुंती की स्तुति

📖 श्रीमद्भागवत महापुराण (१.८.१८) – श्रीकृष्ण की अद्वितीय महिमा श्लोक: “नमस्ये पुरुषं त्वाद्यमीश्वरं प्रकृते: परम्।अलक्ष्यं सर्वभूतानामन्तर्बहिरवस्थितम्॥” 🔹 कुंती माता द्वारा श्रीकृष्ण की स्तुति यह श्लोक…

भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का वर्णन

भगवान श्रीकृष्ण करुणा और उदारता के सागर हैं। उनके उदार चरित्र का गान बड़े-बड़े मुनि, योगी, वेदों के ज्ञाता और भक्तजन निरंतर करते रहते हैं।…

भगवान श्रीहरि के प्रमुख कितने अवतार हुए हैं ?

भगवान श्रीहरि के प्रमुख अवतार – भगवान श्रीहरि अनंत रूपों में अवतार लेते हैं, परंतु श्रीमद्भागवत महापुराण (1.3.26) में कहा गया है— 📖 “अवतार ह्यसङ्ख्येयाः…

दिव्य वाणी: संतों के अमृत वचनों का संग्रह

सन्त वाणी जिनके हृदय में प्रगाढ़ दिव्य प्रेम बसता है, जिनकी आत्मा करुणा के भाव से आप्लावित होती है, वे ही वास्तव में भगवान की…

प्रेम के विकास क्रम का विस्तृत विवरण

प्रेम के विकास क्रम का विस्तृत विवरण प्रेम का यह मार्ग अत्यंत गूढ़ और दुर्लभ है, जो साधक को श्रीकृष्ण की भक्ति के उच्चतम स्तर…

दुष्ट मन! तुम किस प्रकार के वैष्णव हो

दुष्ट मन! तुम किस प्रकार के वैष्णव हो? हे दुष्ट मन! तुम अपने आप को किस प्रकार का वैष्णव समझते हो? एकांत स्थान में भगवान…

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