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श्रीचैतन्य महाप्रभु की यह प्रार्थना भक्ति की पराकाष्ठा का दिग्दर्शन कराती है।

**न धनं न जनं न सुन्दरीं, कवितां वा जगदीश कामये।मम जन्मनि जन्मनीश्वरे, भवताद् भक्तिरहैतुकी त्वयि।। — श्रीमन्महाप्रभु** श्रीचैतन्य महाप्रभु की यह प्रार्थना भक्ति की पराकाष्ठा…

श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा रचित ‘शिक्षाष्टकम’ आठ श्लोकों का संग्रह है

श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा रचित ‘शिक्षाष्टकम’ आठ श्लोकों का संग्रह है, जो भगवत भक्ति और नामस्मरण के महत्व को दर्शाते हैं। इन श्लोकों में भगवान…

तृणादपि सुनीचेन श्लोक की व्याख्या – श्रीचैतन्य महाप्रभु की नाम साधना का रहस्य

श्रीचैतन्य महाप्रभु द्वारा प्रदत्त तृणादपि सुनीचेन श्लोक की विस्तृत व्याख्या, जिसमें विनम्रता, सहनशीलता, और सच्ची भक्ति का रहस्य समाहित है। जानिए कैसे यह श्लोक नाम-साधना…

रामनवमी : प्रेम, सेवा और आध्यात्मिक चेतना का पर्व

जब जब अधर्म बढ़ता है, तब तब धर्म की पुनः स्थापना हेतु स्वयं प्रभु अवतरित होते हैं। रामनवमी, प्रभु श्रीराम के प्राकट्य का वह पावन…

प्रभु ने अपने नामों में अपनी सारी शक्तियाँ रख दी हैं

श्रीशिक्षाष्टकम् की सातवीं श्लोक की गहराई और गंभीरता को बहुत सुंदर ढंग से स्पष्ट करता है।श्लोक है— “दुर्दैवमीदृशमिहाजनि नानुरागः”— यह शोक और आत्मनिंदा का भाव…

गौर प्रिय दास – भागवत प्रवक्ता, लेखक और भक्तिपथ के प्रेरक

गौर प्रिय दास | श्रीमद्भागवत कथा वक्ता | कृष्णकथा और चैतन्य महाप्रभु की शिक्षाएं | Vrindavan Bhakti Speaker गौर प्रिय दास के बारे में गौर…

अभिमान या स्वाभिमान – वैष्णव दृष्टिकोण से एक चिंतन

अभिमान और स्वाभिमान का वैष्णव विवेचन | दैन्यता का भाव | श्रीकृष्ण के सेवक का आत्मनिरीक्षण अभिमान या स्वाभिमान अधिकतर अभिमान और स्वाभिमान की बात…

कामदा एकादशी व्रत कथा (चैत्र शुक्लपक्ष की पुण्यमयी तिथि)

🌸 कामदा एकादशी व्रत कथा 🌸 (चैत्र शुक्लपक्ष की पुण्यमयी तिथि) राजा युधिष्ठिर ने श्रीभगवान से पूछा:“हे वासुदेव! आपको मेरा कोटिशः प्रणाम है। कृपया यह…

श्री अलारनाथ जी मंदिर – श्री चैतन्य महाप्रभु के प्रेमद्रवित शरीरचिह्नों का दुर्लभ दर्शन

श्री अलारनाथ जी मंदिर, ओडिशा के जगन्नाथ पुरी से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित है। यह प्राचीन मंदिर श्री हरि विष्णु को समर्पित है, जिन्हें…

श्रेयः कैरव-चंद्रिका-वितरणम्: हरिनाम संकीर्तन का मंगलमय प्रभाव

हरिनाम संकीर्तन: भक्ति का मंगलमय प्रकाश | विद्या एवं भक्ति का प्राण तत्व श्रीहरिनाम संकीर्तन जीव के मंगल रूप कुमुद के विकास के लिए ज्योत्सना…

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