श्री चैतन्य चरितामृत — अमृतधारा का साक्षात स्वरूप 🙏 “वन्दे श्री-कृष्ण-चैतन्यं, नित्यानन्द-सहोधितम्। गौरोदयी पुष्पवनं, भक्त-चन्द्र निकाशकम्॥” आज श्री चैतन्य चरितामृत जयंती के पावन अवसर पर…
BHAGWATAM.COM
नाट्य शीर्षक: “भक्ति की महिमा” पात्र: दृश्य 1:(आश्रम का शांत वातावरण। वृक्ष के नीचे गुरुजी ध्यानमग्न हैं। शिष्य उनके पास आकर प्रणाम करता है।) शिष्य:(विनम्रता…
भक्ति मार्ग में न कोई जटिल यज्ञ की आवश्यकता होती है, न तीव्र तपस्या की, न ही कठिन साधना की। केवल प्रेमपूर्वक भगवान का स्मरण,…
सार बात है — आचरण! “श्रवण, कीर्तन, स्मरण आदि सब साधनों का सार तब फलदायी होता है,जब मन, वाणी और कर्म में समत्व और शुद्धता…
श्रीजानकी प्राकट्य महोत्सव: करुणामयी जननी के श्रीचरणों में श्रद्धा-सुमन ॥ श्रीसीतारामाभ्यां नमः ॥ “उद्भव स्थिति संहार कारिणीं क्लेश हारिणीम्।सर्वश्रेयस्करीं सीतां नतोऽहं राम वल्लभाम्॥” जो जननी…
श्रीजाह्नवा माता: श्रीनित्यानंद प्रभु की आह्लादिनी शक्ति शुभ आविर्भाव तिथि की मंगलमयी वंदना! जब श्रीगौरांग महाप्रभु ने अपने पावन अवतरण के द्वारा भक्तिरस की गंगा…
जहाँ राधा का मान, कृष्ण की विनय और भक्ति की पराकाष्ठा प्रकट होती है वृंदावन की पावन भूमि पर स्थित मान सरोवर केवल एक सरोवर…
संत ब्रजमोहनदास जी महाराज के समीप नियमित रूप से संत श्री रामहरिदास जी आया करते थे। एक दिन उन्होंने जिज्ञासा से पूछा—“बाबा! बचपन से सुनते…
जहाँ उपमाएं भी लज्जित हो गईं – श्रीकृष्ण की अनुपम शोभा का सूर-काव्य 🌸 पद: “उपमा हरि तनु देखि लजानी।कोउ जल मैं कोउ बननि रहीं…
राधा नाम की महिमा रसस्वरूप श्रीकृष्ण आनन्दरूपी चन्द्रमा हैं, और श्री प्रिया जी (श्री राधा रानी) उनकी चन्द्रिका रूपी माधुरी प्रकाश हैं। जैसे चन्द्रमा बिना…