एकनिष्ठ भजन का अर्थ है, अपने मन, वचन, और कर्म से केवल एक ही इष्ट देवता की आराधना में रत रहना। यह भक्ति का सर्वोच्च…
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गुरुदेव की महिमा अनंत है। उनकी करुणा से अज्ञान के अंधकार में डूबे जीव ज्ञान के प्रकाश से प्रकाशित हो जाते हैं। गुरुदेव हमें हमारी…
बिल्ली के बच्चों की रक्षा करना प्रहलाद को शिक्षा के लिए एक पाठशाला में भेजा गया, जहाँ उनके पिता हिरण्यकशिपु के आदेशानुसार केवल उनके नाम…
सप्तम स्कन्ध: (ऊति स्कंध: ) युधिष्ठिर का प्रश्न – नारद जी का समाधान ऊति स्कंध: यह जीवों की वासनाओं का वर्णन करता है, जो उन्हें…
शरणागति का वास्तविक स्वरूप 1. भगवद-रक्षकत्व-अनुमति-रूपम् शरणागति का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि भगवान को अपने रक्षक के रूप में स्वीकार करना एक चेतन…
श्री भक्तमाल – श्री केशवाचार्य जी १. श्री केशवाचार्य जी की युगल उपासना व हरिदेव जी का विग्रह प्रकट श्रीकृष्ण के पौत्र वज्रनाभ जी ने…
कभी-कभी भक्ति करने को मन नहीं करता? – प्रेरक कथा एक बार एक जिज्ञासु भक्त ने गोस्वामी तुलसीदास जी से पूछा, “कभी-कभी ऐसा होता है…
भक्ति में आडंबर नहीं चाहिए होता काशी में एक बार एक ब्राह्मण के सामने से एक गाय भागती हुई किसी गली में घुस गई। उसी…
बासी तुलसी प्रश्न: कुछ लोग कहते हैं कि रविवार को तुलसी चयन नहीं करनी चाहिए तथा जल भी नहीं देना चाहिए, तो शास्त्र में इसका…
कार्तिक मास में दीपदान की महिमा श्लोक: कार्तिके दीपदानं यः कुरुते परमं हरिं।स याति परमं स्थानं सर्वपापैः प्रमुच्यते॥ अर्थ: जो कार्तिक मास में भगवान हरि…