जब जब अधर्म बढ़ता है, तब तब धर्म की पुनः स्थापना हेतु स्वयं प्रभु अवतरित होते हैं। रामनवमी, प्रभु श्रीराम के प्राकट्य का वह पावन…
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श्रीशिक्षाष्टकम् की सातवीं श्लोक की गहराई और गंभीरता को बहुत सुंदर ढंग से स्पष्ट करता है।श्लोक है— “दुर्दैवमीदृशमिहाजनि नानुरागः”— यह शोक और आत्मनिंदा का भाव…
गौर प्रिय दास | श्रीमद्भागवत कथा वक्ता | कृष्णकथा और चैतन्य महाप्रभु की शिक्षाएं | Vrindavan Bhakti Speaker गौर प्रिय दास के बारे में गौर…
अभिमान और स्वाभिमान का वैष्णव विवेचन | दैन्यता का भाव | श्रीकृष्ण के सेवक का आत्मनिरीक्षण अभिमान या स्वाभिमान अधिकतर अभिमान और स्वाभिमान की बात…
🌸 कामदा एकादशी व्रत कथा 🌸 (चैत्र शुक्लपक्ष की पुण्यमयी तिथि) राजा युधिष्ठिर ने श्रीभगवान से पूछा:“हे वासुदेव! आपको मेरा कोटिशः प्रणाम है। कृपया यह…
श्री अलारनाथ जी मंदिर, ओडिशा के जगन्नाथ पुरी से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित है। यह प्राचीन मंदिर श्री हरि विष्णु को समर्पित है, जिन्हें…
हरिनाम संकीर्तन: भक्ति का मंगलमय प्रकाश | विद्या एवं भक्ति का प्राण तत्व श्रीहरिनाम संकीर्तन जीव के मंगल रूप कुमुद के विकास के लिए ज्योत्सना…
64 प्रकार के नाम अपराध (नामापराध) का वर्णन श्री चैतन्य महाप्रभु और अन्य वैष्णव आचार्यों ने किया है। ये अपराध श्री हरिनाम संकीर्तन करते समय…
ऐसी एक जगह है सांकरी खोर, जहा भगवान श्रीकृष्ण ने दूध दही बेचने की कुप्रथा को रोकने के लिए दान लीला की थी। कहा जाता…
भगवान श्री राधाकृष्ण की 64 प्रकार की गुप्त सेवा का उल्लेख वैष्णव ग्रंथों में मिलता है, विशेष रूप से गौड़ीय वैष्णव परंपरा में। यह सेवाएँ…
