गौरांग का रूप – दिव्य सौंदर्य का अद्वितीय स्वरूप दोहा : गौर वर्ण तन, नयन नील कमल, रूप अनूप विशाल।दया सिंधु जगतारक, प्रेम मूर्ति करुणा…
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रूचि से ही धीरे-धीरे आसक्ति उत्पन्न होती है। जब साधक की चित्तवृत्ति आसक्ति की अवस्था में पहुँचती है, तब उसका मन केवल साधन-भजन की बाह्य…
📖 श्रीभगवद्गीता अध्याय 6, श्लोक 35 श्री भगवानुवाचअसंशयं महाबाहो मनो दुर्निग्रहं चलम्।अभ्यासेन तु कौन्तेय वैराग्येण च गृह्यते।।6.35।। हिंदी अनुवाद श्रीभगवान् बोले — हे महाबाहो! निस्संदेह…
एक नज़र महाप्रभु की ओर (गौरांग महाप्रभु के प्रेम, करुणा और भक्ति के स्वरूप ) ✨ प्रस्तावना एक नज़र महाप्रभु की ओर” केवल एक दृष्टि…
भगवान जगन्नाथ की अनासरा लीला – भक्त माधव दास की प्रेम कथा भारतवर्ष की धार्मिक परंपराओं में भगवान जगन्नाथ की अनासरा लीला अत्यंत मार्मिक और…
श्रीमद्भागवत के आलोक में ब्रजभूमि और उसके वासियों के अलौकिक सौभाग्य का वर्णन, जहाँ स्वयं सनातन परब्रह्म भगवान श्रीकृष्ण उनके सखा, स्वजन और आराध्य बनकर…
कृष्णवर्णं त्विषाकृष्णं सांगोपांगास्त्रपार्षदम् |यज्ञैः संकीर्तनप्रायैर्यजन्ति हि सुमेधसः || जो कृष्णस्वरूप हैं, किंतु उनका वर्ण कृष्ण (श्याम) नहीं है, बल्कि गौर (स्वर्णिम) है। वे अपने भक्तों…
भावभक्ति के लक्षण” — वह श्रील रूप गोस्वामी की भक्तिरसमृत सिंधु पर आधारित है, जो रागानुगा भक्ति के अत्यंत सूक्ष्म और दिव्य स्तर को उजागर…
भगवान श्रीकृष्ण की शाश्वत लीलाएँ भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएँ केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं हैं, अपितु वे सर्वकालिक, शाश्वत और अनवरत रूप से चलने वाली…
🌸 वैशाख पूर्णिमा की वह अद्भुत रात्रि: एक दिन वैशाख मास की पूर्णिमा को, स्नान और पूजा के उपरांत जब वे शालग्राम शिला को स्नान…