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🌸 श्री रूप गोस्वामी जी की उपदेश रूपी अमृतवाणी

(Quotes and Teachings for Inner Awakening) 🌼 1️⃣ “भक्ति का अर्थ त्याग नहीं, समर्पण है।”भक्ति में कुछ खोना नहीं पड़ता — सब कुछ पाना होता…

जगद् गुरु श्रीमध्वाचार्य जी

आज जगद् गुरु श्रीमध्वाचार्य जी का आविर्भाव महोत्सव है जगद्गुरु श्रीमध्वाचार्यपाद का संक्षिप्त चरित्र — आनन्दतीर्थ नामा सुखमयधामा यतिर्जीयात्।संसारार्णव तरणीं यमिह जनाः कीर्तयन्ति बुधाः ।।…

श्री मुकुंददास गोस्वामी जी का चरित्र

🌼 श्री मुकुंददास गोस्वामी जी का चरित्र 🌼जन्म एवं प्रारंभिक जीवन श्री मुकुंददास गोस्वामी जी का जन्म बंगाल की पवित्र भूमि पर हुआ। बाल्यकाल से…

गौड़ीय वैष्णवाचार्य रसिक कुल मुकुटमणि श्री रूपकवीश्वर गोस्वामी जी महाराज

🍃 आज गौड़ीय वैष्णवाचार्य रसिक कुल मुकुटमणि श्री रूपकवीश्वर गोस्वामी जी महाराज ( 1624 – 1684 ) की तिरोभाव महोत्सव है । 🍃 बड़ी सूरमाकुञ्ज…

एकादश स्कन्ध – (मुक्ति स्कंध: ) मुक्ति का स्वरूप

एकादश स्कन्ध – (मुक्ति स्कंध: ) मुक्ति का स्वरूप मुक्ति स्कंध: यह अनात्म भाव का परित्याग और अपने वास्तविक स्वरूप में स्थित होने की प्रक्रिया…

Weekly Bhagwat Katha Topics | सप्तहिक भागवत विषय सुचि

श्रीमद्भागवत महात्म्य श्रीमद्भागवत के महात्म्य में भक्तिरूपी माता और उनके पुत्रों—ज्ञान और वैराग्य—के कष्ट निवारण का उल्लेख मिलता है। इसमें ‘गोकर्ण उपाख्यान’ के माध्यम से…

कर्म, अकर्म और विकर्म का विषय

कर्म, अकर्म और विकर्म का विषय गीता और शास्त्रों में गहराई से समझाया गया है। आइए इसे सरल भाषा और उदाहरण के साथ समझते हैं:…

प्रेम की चैतन्य परिभाषा

प्रेम की परिभाषा महाप्रभु के अनुसार सच्चा प्रेम वह है जो निस्वार्थ हो, जिसमें केवल भगवान की संतुष्टि ही उद्देश्य हो। सेवा भाव नित्य हो,…

महाप्रभु ने हरिनाम को ही कलियुग का सर्वोत्तम साधन बताया।

हरिनाम का महात्म्य महाप्रभु ने हरिनाम को ही कलियुग का सर्वोत्तम साधन बताया।   महाप्रभु स्वयं गलियों में “हरे कृष्ण हरे कृष्ण…” का कीर्तन करते…

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