Press "Enter" to skip to content

BHAGWATAM.COM

कलियुग में भक्ति की कसौटी — संतवाणी के आलोक में

🌹 हे मुरलीमनोहर 🌹(कलियुग में भक्ति की कसौटी — संतवाणी के आलोक में)कलियुग मेंभक्ति का मार्ग सरल दिखता है,पर भीतर सेसबसे अधिक सूक्ष्म और कठिन…

गोपियों के प्रश्न और भगवान के प्रेम–तत्त्व का प्रकाश

🌺 हे गोपिवल्लभ कृष्णा 🌺(गोपियों के प्रश्न और भगवान के प्रेम–तत्त्व का प्रकाश)व्रज की गोपियाँकेवल प्रेम की पात्र नहीं—वे प्रेम की परीक्षक हैं। उनका प्रश्नसाधारण…

भागवत-दृष्टि से बालकृष्ण का ऐश्वर्य और माधुर्य

🌺 हे नंदलाला 🌺 (भागवत-दृष्टि से बालकृष्ण का ऐश्वर्य और माधुर्य)जो मनुष्यनंदनंदन के इस सांवले–सलोने शिशु से प्रेम करता है,वह केवल सौभाग्यशाली ही नहीं—परम भाग्य…

भक्त और भगवान दो हैं ही नहीं

जैसे गोपियों और करुणामयी श्रीराधा रानी को श्रीकृष्ण का वियोग हुआ—यह हमने संतों, ग्रन्थों और कथाओं में सुना और पढ़ा है। किन्तु क्या श्रीकृष्ण को…

भगवान् श्रीगौरांग महाप्रभु का ध्यान

भगवान् श्रीगौरांग महाप्रभु का ध्यान (भक्तरूपेण भगवान् का प्राकट्य — महावदान्य अवतार) ✦ भक्तरूप में भगवान का अवतरणजब श्रीकृष्ण ने व्रज में अपने माधुर्य का…

भगवान् श्रीकृष्ण के गोपवेश का ध्यान

भगवान् श्रीकृष्ण के गोपवेश का ध्यान ||(श्रीमद्भागवत महापुराण 10.14.47 के आलोक में)व्रज की धूल स्वयं पुण्य का स्वरूप है, क्योंकि उसी धूल में नित्य गोपवेषधारी…

श्रीमद्भागवत से, जड़ भरत और राजा रहूगण की कथा

श्रीमद्भागवत से, जड़ भरत और राजा रहूगण की कथा🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 जड़ भरत जी महाराज के तीन जन्मों का वर्णन श्रीमद भागवत पुराण में आया है। भरत…

राधा टीला — श्यामा-श्याम के गुह्य प्रेम-विहार का साक्षी स्थल

🌸 राधा टीला — श्यामा-श्याम के गुह्य प्रेम-विहार का साक्षी स्थल 🌸व्रजभूमि का प्रत्येक कण प्रेम से स्पंदित है, परन्तु वृन्दावन परिक्रमा मार्ग में स्थित…

हरे कृष्ण महामंत्र और नामापराध का तत्त्व

🌸 हरे कृष्ण महामंत्र और नामापराध का तत्त्व 🌸 हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे…

भगवान के शरणागत कैसे हुआ जाए?

प्रश्न 1 — भगवान के शरणागत कैसे हुआ जाए?“मैं भगवान का हूँ और भगवान मेरे हैं” — यह भाव स्थिर और पुष्ट कैसे हो? उत्तर…

You cannot copy content of this page