भगवान् श्रीगौरांग महाप्रभु का ध्यान (भक्तरूपेण भगवान् का प्राकट्य — महावदान्य अवतार) ✦ भक्तरूप में भगवान का अवतरणजब श्रीकृष्ण ने व्रज में अपने माधुर्य का…
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भगवान् श्रीकृष्ण के गोपवेश का ध्यान ||(श्रीमद्भागवत महापुराण 10.14.47 के आलोक में)व्रज की धूल स्वयं पुण्य का स्वरूप है, क्योंकि उसी धूल में नित्य गोपवेषधारी…
श्रीमद्भागवत से, जड़ भरत और राजा रहूगण की कथा🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 जड़ भरत जी महाराज के तीन जन्मों का वर्णन श्रीमद भागवत पुराण में आया है। भरत…
🌸 राधा टीला — श्यामा-श्याम के गुह्य प्रेम-विहार का साक्षी स्थल 🌸व्रजभूमि का प्रत्येक कण प्रेम से स्पंदित है, परन्तु वृन्दावन परिक्रमा मार्ग में स्थित…
🌸 हरे कृष्ण महामंत्र और नामापराध का तत्त्व 🌸 हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे…
प्रश्न 1 — भगवान के शरणागत कैसे हुआ जाए?“मैं भगवान का हूँ और भगवान मेरे हैं” — यह भाव स्थिर और पुष्ट कैसे हो? उत्तर…
🕉️ जब उद्धव ने कृष्ण से किया तीखा सवाल: “कहाँ थी आपकी मित्रता?” 🕉️ महाभारत युद्ध के बाद, उद्धव जी ने श्री कृष्ण के सामने…
🌿 भगवान विष्णु के नामों का रहस्य(नाम—जो स्वयं मोक्ष हैं)शास्त्र कहते हैं—भगवान विष्णु अनंत हैं, इसलिए उनके नाम भी अनंत हैं।नारायण, केशव, हरि, वासुदेव, मधुसूदन,…
🌸 श्री राधा–कृष्ण चरित्रगहवर वन : विरह का साक्षी वनगहवर वन…बरसाने का वही गहवर वन—जहाँ युगलवर के प्रेम-मिलन की स्मृतियाँ आज भी श्वास लेती हैं।…
🌸 घूँघट और दर्शन 🌸वे बहुत दिनों से देख रहे थे।जब कभी “उनकी” चर्चा चलती,तो उसके अधरों परलज्जा और गर्व से भरीएक मधुर मुस्कान अठखेलियाँ…