भगवद् गीता: गहन चिंतन और आज के संदर्भ में महत्व भगवद् गीता के अध्ययन का यह चरण हमें गीता के सिद्धांतों को आज की जिंदगी…
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भगवद् गीता: गहराई से अध्ययन और चिंतन हमने अब तक भगवद् गीता के प्रत्येक अध्याय का सारांश देखा है। आगे हम इस ग्रंथ के कुछ…
भगवद् गीता: सारांश और शिक्षाएं अब तक हमने भगवद् गीता के सभी अठारह अध्यायों का अध्ययन किया है। हर अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन…
भगवद् गीता: अठारहवां अध्याय – मोक्षसंन्यास योग अठारहवां अध्याय को “मोक्षसंन्यास योग” कहा जाता है। यह अध्याय गीता का समापन अध्याय है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण…
भगवद् गीता: सत्रहवां अध्याय – श्राद्धा त्रय विभाग योग सत्रहवां अध्याय को “श्राद्धा त्रय विभाग योग” कहा जाता है। इस अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण ने…
भगवद् गीता: सोलहवां अध्याय – दैवासुरसम्पद्विभाग योग सोलहवां अध्याय को “दैवासुरसम्पद्विभाग योग” कहा जाता है। इस अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण ने दैवी (ईश्वरीय) और असुरी…
भगवद् गीता: पंद्रहवां अध्याय – पुरुषोत्तम योग पंद्रहवां अध्याय को “पुरुषोत्तम योग” कहा जाता है। इस अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण ने आत्मा की अमरता और…
भगवद् गीता: चौदहवां अध्याय – गुणत्रयविभाग योग चौदहवां अध्याय को “गुणत्रयविभाग योग” कहा जाता है। इस अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण ने सृष्टि में उपस्थित तीन…
भगवद् गीता: तेरहवां अध्याय – क्षेत्र-क्षेत्रज्ञ विभाग योग तेरहवां अध्याय को “क्षेत्र-क्षेत्रज्ञ विभाग योग” कहा जाता है। इस अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को शरीर…
भगवद् गीता: द्वादश अध्याय – भक्तियोग द्वादश अध्याय को “भक्तियोग” कहा जाता है। इस अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को भक्ति के महत्व और उसके…