नाम, प्रेम और करुणा — गौर दर्शन का सार गौर दर्शन का परिचय गौर महाप्रभु कौन हैं जब संसार कर्म, ज्ञान और अहंकार के बोझ…
भगवान् श्रीगौरांग महाप्रभु का ध्यान (भक्तरूपेण भगवान् का प्राकट्य — महावदान्य अवतार) ✦ भक्तरूप में भगवान का अवतरणजब श्रीकृष्ण ने व्रज में अपने माधुर्य का…
🌸 हरे कृष्ण महामंत्र और नामापराध का तत्त्व 🌸 हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे…
🌿 भगवान विष्णु के नामों का रहस्य(नाम—जो स्वयं मोक्ष हैं)शास्त्र कहते हैं—भगवान विष्णु अनंत हैं, इसलिए उनके नाम भी अनंत हैं।नारायण, केशव, हरि, वासुदेव, मधुसूदन,…
गौर प्रिया दास एक आध्यात्मिक शिक्षक, लेखक और भागवत कथावाचक हैं। वह गौड़ीय वैष्णव परंपरा के अनुयायी हैं और उनका मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच भगवान…
प्रेम की परिभाषा महाप्रभु के अनुसार सच्चा प्रेम वह है जो निस्वार्थ हो, जिसमें केवल भगवान की संतुष्टि ही उद्देश्य हो। सेवा भाव नित्य हो,…
हरिनाम का महात्म्य महाप्रभु ने हरिनाम को ही कलियुग का सर्वोत्तम साधन बताया। महाप्रभु स्वयं गलियों में “हरे कृष्ण हरे कृष्ण…” का कीर्तन करते…
गौरांग का रूप – दिव्य सौंदर्य का अद्वितीय स्वरूप दोहा : गौर वर्ण तन, नयन नील कमल, रूप अनूप विशाल।दया सिंधु जगतारक, प्रेम मूर्ति करुणा…
एक नज़र महाप्रभु की ओर (गौरांग महाप्रभु के प्रेम, करुणा और भक्ति के स्वरूप ) ✨ प्रस्तावना एक नज़र महाप्रभु की ओर” केवल एक दृष्टि…
कृष्णवर्णं त्विषाकृष्णं सांगोपांगास्त्रपार्षदम् |यज्ञैः संकीर्तनप्रायैर्यजन्ति हि सुमेधसः || जो कृष्णस्वरूप हैं, किंतु उनका वर्ण कृष्ण (श्याम) नहीं है, बल्कि गौर (स्वर्णिम) है। वे अपने भक्तों…