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भगवन्नाम की महिमा को स्कन्दपुराण में

भगवन्नाम महिमा “नाहं वसामि वैकुण्ठे योगिनां हृदये न च |मद्भक्ता यत्र गायन्ति तत्र तिष्ठामि नारद ||” हे देवर्षि! मैं न तो वैकुण्ठ में निवास करता…

एकनिष्ठ भजन: भक्ति का शुद्ध स्वरूप

एकनिष्ठ भजन का अर्थ है, अपने मन, वचन, और कर्म से केवल एक ही इष्ट देवता की आराधना में रत रहना। यह भक्ति का सर्वोच्च…

श्री गुरुदेव के करुणा गुण

गुरुदेव की महिमा अनंत है। उनकी करुणा से अज्ञान के अंधकार में डूबे जीव ज्ञान के प्रकाश से प्रकाशित हो जाते हैं। गुरुदेव हमें हमारी…

शरणागति का स्वरूप एवं उसकी श्रेष्ठता अन्य उपायों से

शरणागति का वास्तविक स्वरूप 1. भगवद-रक्षकत्व-अनुमति-रूपम् शरणागति का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि भगवान को अपने रक्षक के रूप में स्वीकार करना एक चेतन…

कभी-कभी भक्ति करने को मन नहीं करता? – प्रेरक कथा

कभी-कभी भक्ति करने को मन नहीं करता? – प्रेरक कथा एक बार एक जिज्ञासु भक्त ने गोस्वामी तुलसीदास जी से पूछा, “कभी-कभी ऐसा होता है…

भक्ति में आडंबर नहीं चाहिए – सच्ची भक्ति का मार्ग”

भक्ति में आडंबर नहीं चाहिए होता काशी में एक बार एक ब्राह्मण के सामने से एक गाय भागती हुई किसी गली में घुस गई। उसी…

क्या तुलसी बासी होती है? जानें तुलसी के पत्तों का महत्व और स्वास्थ्य लाभ

बासी तुलसी प्रश्न: कुछ लोग कहते हैं कि रविवार को तुलसी चयन नहीं करनी चाहिए तथा जल भी नहीं देना चाहिए, तो शास्त्र में इसका…

कार्तिक मास में दीपदान की महिमा – उजाले का पर्व और उसका धार्मिक महत्व

कार्तिक मास में दीपदान की महिमा श्लोक: कार्तिके दीपदानं यः कुरुते परमं हरिं।स याति परमं स्थानं सर्वपापैः प्रमुच्यते॥ अर्थ: जो कार्तिक मास में भगवान हरि…

भगवान कृष्ण और भगवान विष्णु में क्या अंतर है ?

भगवान कृष्ण और भगवान विष्णु में क्या अंतर है ? भगवान कृष्ण और भगवान विष्णु के मध्य अंतर को सरल भाषा में इस उदाहरण द्वारा…

महाभारत का एक प्रसंग हैं, अश्वमेध यज्ञ चल रहा था

महाभारत का एक प्रसंग हैं, अश्वमेध यज्ञ चल रहा था, बड़े-बड़े ॠषियों और ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा दी जा रही थी, कहतें हैं, कि उस यज्ञ…

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