यहाँ पर कर्म, अकर्म और विकर्म का अंतर एक सरल तालिका में प्रस्तुत है:
| श्रेणी | अर्थ | उदाहरण | फल / परिणाम |
|---|---|---|---|
| कर्म (Karma) | शास्त्र और धर्म के अनुसार किया गया कार्य | सत्य बोलना, दान करना, भूखे को भोजन देना, परिवार का पालन-पोषण | पुण्य, अच्छे फल, स्वर्ग आदि |
| अकर्म (Akarma) | भगवान को समर्पित या निष्काम भाव से किया गया कार्य, जिसका बंधन नहीं होता | भगवान के लिए भोजन बनाना, नाम-जप, सेवा करना, फल की इच्छा त्यागकर काम करना | कोई बंधन नहीं, मोक्ष की ओर मार्ग |
| विकर्म (Vikarma) | शास्त्र-विरुद्ध और पापपूर्ण कार्य | झूठ, चोरी, नशा, हिंसा, दूसरों को कष्ट देना | पाप, दुःख, नरक, बंधन |
✨ सरल उदाहरण
- कर्म: गरीब को कपड़ा दान करना → पुण्य मिलेगा।
- अकर्म: गरीब को कपड़ा भगवान की सेवा भाव से देना → कर्म का बंधन नहीं होगा।
- विकर्म: किसी का कपड़ा छीन लेना → पाप मिलेगा।
[…] श्रीमद्भागवत महात्म्य […]