Press "Enter" to skip to content

गौड़ीय वैष्णवाचार्य त्रयी तिरोभाव महोत्सव

🌼 गौड़ीय वैष्णवाचार्य त्रयी तिरोभाव महोत्सव श्री रघुनाथ भट्ट गोस्वामी जी, श्री रघुनाथ दास गोस्वामी जी एवं श्री कृष्णदास कविराज गोस्वामी जी 🌺 परिचय (Introduction)…

चटोरे मदनमोहन जी – ब्रज के प्यारे ठाकुर और सनातन गोस्वामी जी की भक्ति कथा

यह कथा श्रीमद् संनातन गोस्वामी जी के जीवन की एक दिव्य घटना है, जिसमें भगवान श्री मदनमोहन जी की बाल-लीला और उनके प्रेममय स्वभाव का…

परम पूज्य श्रीराधा बाबा का विलक्षण दिव्य स्वप्न

।। श्रीहरिः।। परम पूज्य श्रीराधा बाबा का विलक्षण दिव्य स्वप्न – गुरु प्राप्ति की दिशा में भगवती का आलौकिक संकेत “भक्तहृदय में जब परम सत्य…

जगद् गुरु श्रीमध्वाचार्य जी

आज जगद् गुरु श्रीमध्वाचार्य जी का आविर्भाव महोत्सव है जगद्गुरु श्रीमध्वाचार्यपाद का संक्षिप्त चरित्र — आनन्दतीर्थ नामा सुखमयधामा यतिर्जीयात्।संसारार्णव तरणीं यमिह जनाः कीर्तयन्ति बुधाः ।।…

श्री मुकुंददास गोस्वामी जी का चरित्र

🌼 श्री मुकुंददास गोस्वामी जी का चरित्र 🌼जन्म एवं प्रारंभिक जीवन श्री मुकुंददास गोस्वामी जी का जन्म बंगाल की पवित्र भूमि पर हुआ। बाल्यकाल से…

गौड़ीय वैष्णवाचार्य रसिक कुल मुकुटमणि श्री रूपकवीश्वर गोस्वामी जी महाराज

🍃 आज गौड़ीय वैष्णवाचार्य रसिक कुल मुकुटमणि श्री रूपकवीश्वर गोस्वामी जी महाराज ( 1624 – 1684 ) की तिरोभाव महोत्सव है । 🍃 बड़ी सूरमाकुञ्ज…

भगवान जगन्नाथ की अनासरा लीला – भक्त माधव दास की प्रेम कथा

भगवान जगन्नाथ की अनासरा लीला – भक्त माधव दास की प्रेम कथा भारतवर्ष की धार्मिक परंपराओं में भगवान जगन्नाथ की अनासरा लीला अत्यंत मार्मिक और…

श्रीजानकी प्राकट्य महोत्सव: करुणामयी जननी के श्रीचरणों में श्रद्धा-सुमन

श्रीजानकी प्राकट्य महोत्सव: करुणामयी जननी के श्रीचरणों में श्रद्धा-सुमन ॥ श्रीसीतारामाभ्यां नमः ॥ “उद्भव स्थिति संहार कारिणीं क्लेश हारिणीम्।सर्वश्रेयस्करीं सीतां नतोऽहं राम वल्लभाम्॥” जो जननी…

श्रीजाह्नवा माता: श्रीनित्यानंद प्रभु की आह्लादिनी शक्ति

श्रीजाह्नवा माता: श्रीनित्यानंद प्रभु की आह्लादिनी शक्ति शुभ आविर्भाव तिथि की मंगलमयी वंदना! जब श्रीगौरांग महाप्रभु ने अपने पावन अवतरण के द्वारा भक्तिरस की गंगा…

वृंदावन के वृक्षों का मर्म

संत ब्रजमोहनदास जी महाराज के समीप नियमित रूप से संत श्री रामहरिदास जी आया करते थे। एक दिन उन्होंने जिज्ञासा से पूछा—“बाबा! बचपन से सुनते…

You cannot copy content of this page