श्रीमद्भागवत महापुराण: एक दिव्य कथा अनंत कोटि ब्रह्मांडों के नायक, परम ब्रह्म, परमेश्वर, परमात्मा भगवान नारायण की असीम अनुकंपा से हमें श्रीमद्भागवत कथा के वांग्मय…
श्रीमद्भागवत महापुराण – प्रथम स्कंध, प्रथम अध्याय, द्वितीय श्लोक: “धर्मः प्रोज्झित-कैतवोऽत्र परमो निर्मत्सराणां सतांवेद्यं वास्तवमत्र वस्तु शिवदं तापत्रयोन्मूलनम्।श्रीमद्भागवते महामुनिकृते किं वा परैः ईश्वरःसद्यो हृद्यवरुध्यतेऽत्र कृतिभिः…
श्रीमद्भागवत महापुराण का प्रथम श्लोक (मंगलाचरण) अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यापक अर्थ वाला है। यह श्लोक भगवान श्रीकृष्ण के प्रति समर्पण और उनकी महिमा का वर्णन…
अवतार की प्रस्तावना भगवान के अवतार का विषय अत्यंत महत्वपूर्ण और गूढ़ है। जब हम श्रीकृष्ण अवतार पर विचार करने जाते हैं, तब यह आवश्यक…
चतुःश्लोकी भागवत – भावपूर्ण व्याख्या श्रीभगवान ने ब्रह्माजी को संबोधित करते हुए चार श्लोकों में सम्पूर्ण सृष्टि और उसके रहस्यों का वर्णन किया। ये श्लोक…
प्रभु की अनंत लीला और उनके अवतारों की महिमा इस ब्रह्मांड के कण-कण में बसी हुई है। हर अवतार में उन्होंने इस संसार के कल्याण…
(गुरु परम्परा) हम ब्रह्म माधवाचार्य सम्प्रदाय गौड़ीय वैष्णव हैं | We are Madhavacharyya Sampradaya Gaudiya Vaishnava श्री ब्रह्म माधवाचार्य सम्प्रदाय का धर्मचक्र धर्मचक्र श्री माधवाचार्य…