प्रश्न – गोपीभाव क्या है?उत्तर –भोगों की केवल महत्ता ही नहीं, बल्कि उनके अस्तित्व का भी जहाँ लोप हो जाए और त्याग की स्मृति तक…
गौर प्रिया दास एक आध्यात्मिक शिक्षक, लेखक और भागवत कथावाचक हैं। वह गौड़ीय वैष्णव परंपरा के अनुयायी हैं और उनका मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच भगवान…
रास शब्द का मूल “रस” है, और रस स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ही हैं — “रसो वै सः।” रासलीला का अर्थ है “रसों का समूह”, वह…
एकादश स्कन्ध – (मुक्ति स्कंध: ) मुक्ति का स्वरूप मुक्ति स्कंध: यह अनात्म भाव का परित्याग और अपने वास्तविक स्वरूप में स्थित होने की प्रक्रिया…
श्रीमद्भागवत महात्म्य श्रीमद्भागवत के महात्म्य में भक्तिरूपी माता और उनके पुत्रों—ज्ञान और वैराग्य—के कष्ट निवारण का उल्लेख मिलता है। इसमें ‘गोकर्ण उपाख्यान’ के माध्यम से…
राधे राधे! तव कथामृतं तप्तजीवनं… – श्रीकृष्णकथा की अमृत महिमा श्लोक:“तव कथामृतं तप्तजीवनंकविभिरीडितं कल्मषापहम्।श्रवणमङ्गलं श्रीमदाततंभुवि गृणन्ति ते भूरिदा जनाः॥”— श्रीमद्भागवत 10.31.9 (गोपिकागीत) शब्दार्थ एवं भावार्थ:…
गौर प्रिय दास | श्रीमद्भागवत कथा वक्ता | कृष्णकथा और चैतन्य महाप्रभु की शिक्षाएं | Vrindavan Bhakti Speaker गौर प्रिय दास के बारे में गौर…
श्रीमद्भागवत 1.1.1 – गौड़ीय संप्रदाय की दृष्टि से विशेष अनुव्याख्या श्लोक: जन्माद्यस्य यतोऽन्वयादितरतश्चार्थेष्वभिज्ञ: स्वराट्तेने ब्रह्म हृदा य आदिकवये मुह्यन्ति यत्सूरय:।तेजोवारिमृदां यथा विनिमयो यत्र त्रिसर्गोऽमृषाधाम्ना स्वेन…
📖 श्रीमद्भागवत महापुराण (१.८.१८) – श्रीकृष्ण की अद्वितीय महिमा श्लोक: “नमस्ये पुरुषं त्वाद्यमीश्वरं प्रकृते: परम्।अलक्ष्यं सर्वभूतानामन्तर्बहिरवस्थितम्॥” 🔹 कुंती माता द्वारा श्रीकृष्ण की स्तुति यह श्लोक…
भगवान श्रीकृष्ण करुणा और उदारता के सागर हैं। उनके उदार चरित्र का गान बड़े-बड़े मुनि, योगी, वेदों के ज्ञाता और भक्तजन निरंतर करते रहते हैं।…