ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा – प्रमुख स्थल
ब्रजमंडल की चौरासी कोस परिक्रमा भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं से पवित्र मानी जाती है। यह परिक्रमा लगभग 252 किलोमीटर की होती है और भक्तगण इसे अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ करते हैं।
परिक्रमा के प्रमुख स्थल
- मथुरा (प्रारम्भ) – भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि और ब्रजमंडल का मुख्य केंद्र।
- तालवन – यहाँ श्रीकृष्ण ने दैत्य धेनुकासुर का वध किया था।
- कुमुदवन – सुंदर कमलों से युक्त यह स्थान श्रीकृष्ण की क्रीड़ाओं का स्थल माना जाता है।
- चन्द्र सरोवर – रासलीला से जुड़ा अत्यंत पवित्र सरोवर।
- गोवर्धन – श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत धारण करने की दिव्य लीला का स्थान।
- बहज (राजस्थान) – ब्रज की प्राचीन लीलास्थलियों में से एक।
- डीग (राजस्थान) – ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल।
- आदि बद्रीनाथ (राजस्थान) – ब्रज क्षेत्र में स्थित पवित्र तीर्थ।
- केदारनाथ (राजस्थान) – भगवान शिव का प्राचीन मंदिर।
- चरण पहाड़ी (राजस्थान) – जहाँ श्रीकृष्ण के चरणचिह्न माने जाते हैं।
- बरसाना – श्रीराधारानी की जन्मभूमि।
- नन्दगाँव – नन्द बाबा और यशोदा माता का निवास स्थान।
- शेषशायी लक्ष्मी नारायण (हरियाणा) – भगवान विष्णु का प्राचीन मंदिर।
- शेरगढ़ – श्रीकृष्ण की अनेक लीलाओं से जुड़ा स्थल।
- भद्रवन – ब्रज के बारह वनों में से एक पवित्र वन।
- भाण्डीरवन – जहाँ श्रीराधा-कृष्ण का गंधर्व विवाह हुआ था।
- वृन्दावन – श्रीकृष्ण की रासलीला और बाल लीलाओं की पावन भूमि।
- गोकुल – श्रीकृष्ण का बाल्यकाल यहीं बीता।
- रमण रेती – बालकृष्ण की क्रीड़ास्थली, अत्यंत पवित्र रेत के लिए प्रसिद्ध।
- मथुरा (परिक्रमा पूर्ण) – परिक्रमा का समापन पुनः श्रीकृष्ण की जन्मभूमि में होता है।
🌼 ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि भक्ति, स्मरण और श्रीकृष्ण की लीलाओं का अनुभव करने का दिव्य अवसर है।
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